सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक जमीन देने को कहा, रामलला का दावा बरकरार, मंदिर बनेगा

दिल्ली 9 नवंबर । अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 10:30 बजे सुनाया जाएगा। कुछ ही देर बाद इस फैसले को सुनाने का सिलसिला शुरू होगा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं ।इस ऐतिहासिक फैसले के मद्देनजर अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कड़ी की गई है। क्यों कोर्ट ने फैसला करना शुरू कर दिया है । शिया बोर्ड की याचिका को खारिज कर दिया गया है। यह याचिका सिया वर्सेस सुन्नी बोर्ड की है। यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोविंद का फैसला पढ़ने में 40 मिनट का समय लेंगे। सर्वसम्मति से फैसला लिया जाएगा।

फैसला करते हुए जस्टिस गोगोई ने कहा कि बाबर के समय में मस्जिद बनाई गई। उन्होंने कहा कि 1949 में दो मूर्तियां रखी गई। मीर बाकी ने बाबर के वक्त में बनाई मस्जिद।
कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा का दावा खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा है कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनाई गई थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आर्किटेक्ट विभाग ने कहा है कि ढांचे के नीचे मंदिर के सबूत हैं। रिपोर्ट में 12 वीं सदी का मंदिर होने का जिक्र। खुदाई में जो ढांचा मिला वह इस्लामिक नहीं।

असली में कहा गया है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई जाने के सबूत नहीं है आस्था को मालिकाना हक नहीं माना जा सकता। आस्था और विश्वास के आधार पर फैसला नहीं लिया जा सकता।

मुस्लिम के पास किसी विशेष कब्जा नहीं। मुस्लिम पक्ष कब्जा साबित करने में नाकाम। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक जमीन देने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन देने के आदेश दिए हैं

रामलला का दावा बरकरार। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी बनाए जाने के आदेश दिए है।
ट्रस्ट मंदिर बनाने के लिए नियम बनाए।

मुख्य न्यायाधीश फैसला पढ़ रहे हैं आप फैसले की ब्रेकिंग न्यूज़ पढ़ रहे हैं।

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