हिंदू मंदिर को तोड़कर नहीं बनाया गया बाबरी मस्जिद का ढांचा

नई दिल्ली 6 नवंबर। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कभी भी आ सकता है इधर फैसले से पहले जमीयत उलेमा ए हिंद ने कहा है कि अयोध्या में किसी भी हिंदू मंदिर को तोड़कर बाबरी मस्जिद का ढांचा नहीं खड़ा किया गया था । यह भी कहा गया कि उसका यह दावा ऐतिहासिक तत्व पर आधारित है।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बुधवार को कहा कि एतिहासिक तथ्यों के आधार पर मुस्लिम पक्ष यह दावा करता है कि अयोध्या में मस्जिद का निर्माण किसी हिंदू मंदिर को गिराए बिना किया गया था। हालांकि हम अपने रुख को दोहराते हैं कि कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा, हम उसे स्वीकार करेंगे।

इसके साथ ही जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मुसलमानों और अन्य नागरिकों से कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील भी की है।

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