झाँसी पुष्पेंद्र एनकाउंटर कांड -परिजन बोले सड़ जाने दो लाश, लेकिन एफ आई आर लिखो

झांसी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पुष्पेन्द्र के गांव में तनाव बरकरार है। परिजनों ने अंतिम संस्कर करने से इनकार कर दिया है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस अधिकारी परिजनों को समझा रहे हैं, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। इस पर पुलिस और परिजनों के बीच झड़प हो गई है। पुष्पेंद्र की अंतिम संस्कार की पुलिस की पहल पर परिजन इस कदर नाराज हैं कि वह चिल्ला उठे बोले लाश को सड़ जाने दो ,लेकिन f.i.r. होने चाहिए। इस बीच आईजी जोन कानपुर प्रेम प्रकाश भी परिजनों से वार्ता कर रहे हैं।

परिजन और ग्रामीण मांगों पर अड़े हैं। पुलिस अब जबरन अंतिम संस्कार कराने की तैयारियों में जुट गई है। जिले से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। अफसर गोपनीय मंथन कर रहे हैं।

पुलिस ने अंतिम संस्कर के लिए लकड़ियों का इंतजाम शुरू कर दिया है। दूसरे गांव में जबरन अंतिम संस्कार कराने की तैयारी है। ग्राम प्रधान और पंडित को बुलाकर डीएम और एसएसपी ने वार्ता की है।

वहीं, महिला फोर्स पुलिस लाइन से गांव पहुंच गई है। हेलमेट नहीं लेने पर एसएसपी ने नाराजगी जताई है। वहीं जबरन शव उठाने की खबर सुनकर ग्रामीण सतर्क हो गए।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव को फोन कर कहा कि वह गांव जाकर परिजनों से वार्ता कर अंतिम संस्कार कराएं। यहां परिजनों से वार्ता करने पहुंचे छत्रपाल सिंह की परिजनों से वार्ता विफल रही।

वे बैरंग वापस लौट गए। राजसभा सांसद डॉ चंद्रपाल सिंह से अधिकरियों ने वार्ता कर अंतिम संस्कार कराने की बात कही, इसको भी परीजनों ने खारिज कर दिया। अब पुलिस दूसरे गांव में अंतिम संस्कर के लिए जगह देखने गई है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
आपको बता दें कि रविवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में थाना एरच के करगुवां खुर्द निवासी पुष्पेंद्र के मारे जाने की खबर लगते ही लोगों में उबाल है। करगुवां खुर्द में स्थिति को देखते हुए तीन कंपनी पीएसी समेत भारी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात है।

पुष्पेंद्र के गांव में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा है सभी लोग बेहद गुस्से में हैं।

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