प्रयागराज- राम और रावण 75 डेसिबल से अधिक तेज़ आवाज़ में नहीं बोल सकेंगे

प्रयागराज 26 सितंबर। ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए प्रयागराज में प्रशासन ने साउंड सीमा का मानक तय किया है । रामलीला के किसी भी संबाद को कितनी आवाज में बोला जाएगा इसको लेकर प्रशासन और गणेश उत्सव व रामलीला कमेटियों की बैठक में तय किया गया। यानी रामलीला में राम और रावण के अलावा कोई भी पात्र 75 डेसीबल से तेज आवाज में नहीं बोल सकेगा।

डीजे पर प्रतिबंध के साथ ही ध्वनि विस्तार के मानक को लेकर कमेटियों की दुविधा को दूर करते हुए जिलाधिकारी ने साफ किया कि डी जे का प्रयोग 100% प्रतिबंधित रहेगा, लेकिन हॉर्न का प्रयोग किया जा सकेगा । हालांकि इसके लिए प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ेगी।

पत्थर चट्टी रामलीला कमेटी के प्रवक्ता लल्लू लाल गुप्त ने कहा कि ध्वनि विस्तारक के मामलों में कमेटी उच्च न्यायालय के आदेश और मानक का पूरी तरह से पालन करेगी । प्रशासन की ओर से कमेटियों से कहा गया है कि लाउडस्पीकर की अनुमति के लिए आवेदन में इनकी संख्या लिखना अनिवार्य है।

धोनी के लिए लगाए गए हार को 75 डेसीबल से अधिक तेज नहीं बजाया जाएगा रामलीला में आवश्यकता अनुसार ध्वनि विस्तारक का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन मानक से अधिक आवाज तेज ना हो। आपको बता दें कि पत्थर चट्टी मैदान पर रामलीला कथा राम राज की शुरुआत 29 सितंबर से होगी।

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