कोंच-मंहगी पाठ्य पुस्तकों ने अभिभावकों की कमर तोड़ी, रिपोर्ट-नवीन कुशवाहा

कोंच (जालौन)। महंगाई की मार से पहले ही काफी झुलस चुके आम आदमी के बस से अपने कर्णधारों की पढ़ाई भी आपे से बाहर होती दिखाई दे रही है क्योंकि मंहगाई की मार से अभिभावकों की कमर टूटती जा रही है। सरकारी विद्यालयों
में शिक्षा का स्तर गिरने से अधिकतर अभिभावक अपने कर्णधारों को निजी विद्यालयों में दाखिला कराना चाहते हैं लेकिन निजी विद्यालयों में
विद्यालय की डे्रस से लेकर कॉपी-किताबें व स्टेश्ररी लाना अनिवार्य कर
दिया गया है जिसके चलते निजी विद्यालय उक्त सभी पाठ्य बस्तुओं पर मनमाने दाम बसूल रहे हैं। विद्यालय में अधिकतर पाठ्य किताबें प्राइबेट प्रकाशन की होने के चलते मंहगे दामों में बिक रहीं हैं, प्लेग्रुप में पढऩे वाले बच्चों की कॉपी-किताबें ही वहुत मंहगीं हैं तो जरा सोचिये कि उच्च कक्षाओं की कॉपी-किताबें कितनी मंहगीं होगीं, वहीं अपने कर्णधारों को अच्छी शिक्षा दिलाने हेतु अभिभावक भी चुपचाप मनमसोस कर पाठ्य सामग्री जुटा रहे हैं।ं मंहगाई का हवाला देते हुये निजी विद्यालय भी विद्यालय फीस के साथ ही आवागमन हेतु बाहन शुल्क के नाम पर अपनी मनमानी कर रहे हैं जिसके चलते अभिभावकों पर दोहरा बोझ पड़ रहा है, इसके अलावा समय-समय पर विद्यालय में होने वाले कार्यक्रम हेतु भी अभिभावकों को शुल्क देना पड़ता है।

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