झाँसी-पढ़े, कैसे एक इंजीनियर नशे के सौदागरो की कठपुतली बन गया, रिपोर्ट-देवेंद्र

झाँसी। जीआरपी की टीम ने एक ऐसे सिविल इंजीनियर को 10 किलो 250 ग्राम गांजा की खेप सहित दबोच लिया जो हैदराबाद से दिल्ली जा रहा था और ट्रेन बदलने के लिए झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 4/5 पर खड़ा था। बरामद गांजा की कीमत लगभग एक लाख रुपए बतायी गयी है। पकड़ा गया युवक मादक पदार्थ के तस्कारों की कठपुतली है।
बताया गया है कि जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार सिंह मय हमराही निरीक्षक अमीराम सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक विनय साहू, उप निरीक्षक संतोष कुमार कांस्टेबिल नगेन्द्र चतुर्वेदी, विकास सेंगर, शिव सिंह, उपेन्द्र कुमार के साथ अपराधियों की तलाश में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उक्त टीम को प्लेटफ ार्म क्रमांक 4/5 पर एक संदिग्ध युवक ट्राली सूटकेस लिए नजर आया। जब उस युवक का नाम पता पूछते हुए तलाशी ली गयी तो उसके पास सूटकेस मेें कपड़ों में छिपा कर रखे पैकेटस में 10 किलो 250 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पकड़े गए युवक ने अपना नाम टी शिवकुमार पुत्र प्रकाश त्रिमलशेटटी निवासी पालड गुबारी थाना कावली जिला नैल्लूर आंध्र प्रदेश बताया।
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक के अनुसार पक ड़ा गया आरोपी सिविल इंजीनियर है, किन्तु बेरोजगारी के चलते रुपयों की लालच में उसने मादक पदार्थ का कोरियर बनने का रास्ता अपनाया। वह हैदराबाद से गांजा की खेप लेकर दिल्ली जा रहा था और झांसी स्टेशन पर ट्रेन को बदल कर दिल्ली जाने की तैयारी में था। उसे गांजा की खेप को दिल्ली तक पहुंचाने के लिए 10 हजार रुपए मिलने थे। काफी पूछताछ के बाद भी वह गांजा की खेप को सौंपने वाले अथवा दिल्ली में किसके पास पहुंचाना था की जानकारी नहीं दे सका, किन्तु उसने बताया कि वह अभी तक दो बार गांजा की खेप को दिल्ली पहुंचा चुका है पर इस बार पकड़ा गया। बरामद गांजा की खुले बाजार में कीमत लगभग 1 लाख रुपए आंकी गयी

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