कोंच-भक्त के आंसू देखकर भगवान चले आते दौड़े-शास्त्री, रिपोर्ट-नवीन कुशवाहा

कोंच (जालौन)। दुख के समय आंखों में आंसू भरकर भक्तों द्वारा भगवान को पुकारे जाने पर भगवान भक्त के पास दौड़े चले आते हैं क्योंकि भगवान के लिये भक्तों के आंसू सबसे बड़ी भेंट हैं, उक्त बचन भगवताचार्य आनन्द कुमार शास्त्री ने कहे।
बद्री विशाल आश्रम समिति द्वारा ग्राम देवगाँव में ब्रह्मïलीन परमहंस
बद्रीदास महाराज के 110वें जन्म दिवस महोत्सव एवं गुरूपूणिर्मा पर्व के
मौके पर बीती 9 जुलाई से आरम्भ श्री मदभागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के अन्तिम दिन सोमवार को उपस्थित श्रोताओं को कथा का रसपान कराते हुये श्री शास्त्री ने कहा कि समुद्र मंथन में पहले विष निकला था और बाद में अमृत, इसी प्रकार मानव जीवन में अगर पहले दुख प्राप्त होता है तो उसे सहर्ष स्वीकार करें क्योंकि दुख के बाद सुख निश्चित रूप से प्राप्त होगा, वहीं श्री शास्त्री ने कहा कि अपशब्द बोलकर किसी से कदापि बात ना करें क्योकि यह विष के समान है और हमेशा मीठी बाणी बोलें जो कि अमृत के समान है। वहीं उन्होंने कहा कि तीन तरह के व्यक्तियों पर परमात्मा जल्द ही प्रसन्न हो।जाते हैं और ऐसे व्यक्तियों में वह शामिल है जो बचपन से परमात्मा की भक्ति में लीन हो जाते हैं, गरीब होने पर भी सत्कर्म में लगे रहते हैं एंव सामर्थवान होने पर भी गरीबों व बेसहारा लोगों पर जुल्म नहीं करते हैं। कथा श्रवण करने वालों में प्रमुख रूप से पारीक्षत शान्तिदेवी सहित
गजेन्द्र, जितेन्द्र निरंजन, रामसिंह, लक्ष्मण, पप्पू महाराज, अशोक,
हरगोविन्द खुराना, मधुर सिंह, राजकुमार, सन्तोष, अरविन्द आदि शामिल रहे। वहीं आज मंगलवार को भण्डारा प्रसाद वितरित किया जायेगा।

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