मोदी सरकार का एक और सख्त कदम ! 10 लाख कैश निकासी पर टैक्स लगाने की तैयारी

नई दिल्ली 10 जून। मोदी सरकार बैंकों से बड़ी निकासी को लेकर एक सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार 1 साल में 1000000 रुपए कैश निकालने वालों पर टैक्स लगाने की तैयारी में है । इसकी संभावना की तलाश की जा रही है सरकार यह कदम डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के मकसद से उठा सकती है।

सरकार का यह कदम फाइनल होगा या नहीं यह 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट पेश करने के दौरान साफ हो जाएगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार 1 साल में 1000000 रुपए कैश निकालने वालों पर टैक्स लगाने की संभावना तलाश रही है । रिपोर्ट के अनुसार सरकार का मानना है कि अधिकांश व्यक्तियों को व्यवसायों को ₹1000000 से अधिक की सालाना कैश निकासी की आवश्यकता नहीं है।

सरकार की ओर से इस बारे में विचार-विमर्श शुरू हो गया है । अभी इस प्लान को अंतिम रूप नहीं दिया गया है । आपको बता दें कि साल 2016 में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों के एक उच्चस्तरीय पैनल ने भी ₹50000 से अधिक की निकासी के लिए टैक्स को फुल से लागू करने की सिफारिश की थी।

रिपोर्ट की मानें तो ₹50000 से अधिक की रकम जमा करने की स्थिति में पैन कार्ड अनिवार्य है। उसी तरह मोटी रकम के लेन-देन पर आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है माना जा रहा है कि आधार प्रमाणीकरण अनुवाद करने से व्यक्तिगत और टेली टैक्स रिटर्न को ट्रैक करना आसान होगा।

सरकार के ये कदम कागजी मुद्रा के उपयोग को कम करने और काले धन पर नकेल कसने के लिए उठाए जा सकते हैं. फिलहाल आगामी 5 जुलाई को वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश करेंगी. इस बजट में कैश निकासी को लेकर क्‍या संकेत दिए जाएंगे, यह देखना अहम होगा.

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