क्या सरकार ने गुमनाम कंपनियों से जीडीपी के आंकड़ों की गणना कराई?

नई दिल्ली 8 मई । भारत के जीडीपी आंकड़ों को लेकर बीते दिनों उठाए गए सवाल एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं । हाल में ही आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने आंकड़ों को लेकर संदेह जताया था । अब नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस ने इन पर सवाल खड़े किए हैं।

मिंट की रिपोर्ट के अनुसार नासो ने जुलाई 2016 से जून 2017 तक एक अध्ययन किया है । इस अध्ययन में पाया गया कि मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स के mca21 डेटाबेस की 36 कंपनियों का कोई अता पता नहीं है। आपको बता दें कि mca21 डेटाबेस की कंपनियों वो , है जिनका उपयोग जीडीपी गढ़ना के लिए किया जाता है।

मिंट की रिपोर्ट में दावा किया है कि कंपनी मामलों के मंत्रालय ने इन गुमनाम कंपनियों को सक्रिय कंपनियों की श्रेणी में रखा था। मुंबई के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट ऑफिसर नागराज ने बताया कि दुनिया भर में भरोसेमंद संस्था केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के लिए एक बड़ा झटका है।

बता दें कि 2015 में शुरू की गई नई जीडीपी सीरीज में प्रमुख बदलाव एमसीए -21 का उपयोग था. इसे सीएसओ ने मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स यानी MCA से हासिल किया. इस मुद्दे पर सवाल खड़े करते हुए पूर्व NSSO चीफ पीसी मोहनन ने कहा था कि MCA-21 डाटाबेस की कोई जांच नहीं हुई है, जो कि जरूरी था. पीसी मोहनन वही शख्‍स हैं जिन्‍होंने ने NSSO जॉब रिपोर्ट दबाने के मुद्दे पर दिसंबर 2018 में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (NSC) से इस्तीफा दे दिया था.

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