झाँसी-भाजपा में आउटडेटेड भी दावेदार बने, राजीव पारीछा और रवि शर्मा कतार में सबसे ऊपर !

झांसी भाजपा में लोकसभा सुनाओ को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जितनी गहमागहमी है, उससे कहीं ज्यादा झांसी ललितपुर संसदीय सीट पर टिकट पाने वाले दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा को देखकर लगाई जा सकती है।

हालत यह है कि उमा भारती के चुनाव ना लड़ने के ऐलान के बाद ऐसे नेता भी दावेदारी ठोक रहे हैं, जिन्हें पार्टी के लोग ही आउटडेटेड मान रहे हैं और वह पिछले लंबे समय से नदारद थे । अब अचानक नेताओं के सरपरस्ती के सहारे टिकट की दौड़ में शामिल होते नजर आ रहे हैं।

इनमें एक नाम गंगा चरण राजपूत का भी उभर कर सामने आ रहा है जो लंबे समय से राजनीति से लापता बताए जा रहे थे और उन्हें अब दावेदारों में शुमार किया जा रहा है।

टिकट के प्रबल दावेदारों में राजीव सिंह परीक्षा का नाम तेजी से उभर कर सामने आया है । वह पार्टी के अंदर भी समर्थन जुटाने में कामयाब हो रहे हैं । इसके अलावा सदर विधायक रवि शर्मा को भी समर्थकों का साथ मिलना शुरू हो गया है । हालांकि रवि शर्मा को लेकर उमा भारती अपने विरोध के लायक छोड़ने को तैयार नहीं है।

सोशल मीडिया में चल रही खबरों की माने तो केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने एक गोपनीय बैठक की, जिसमें अपनी विधानसभा के विधायक और पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत शामिल थे । बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण अब वह झांसी-ललितपुर लोकसभा से चुनाव लड़ना नहीं चाहतीं हैं। उनके इस निर्णय के बाद से अब अटकलों का बाजार तेज हो गया है।

चर्चा है कि झांसी-ललितपुर लोकसभा से विधायक रवि शर्मा और पूर्व सासंद गंगाचरन राजपूत संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं। यदि गंगाचरन राजपूत की बात करें तो वह केन्द्रीय उमा भारती के जहां विश्वनीय है तो वहीं सजातीय लोधी समाज से भी है। जिसका उन्हें लाभ मिल सकता है। फिलहाल यह तो आने वाला समय ही बतायेगा कि यदि केन्द्रीय मंत्री वास्तव में झांसी-ललितपुर लोकसभा से चुनाव नहीं लड़ती है तो कौन उम्मीदवार हो सकता है।

कांग्रेस, सपा-बसपा सहित कई दलों में रह चुके पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत भले ही केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के विश्वनीय नेता हों, लेेकिन अक्सर दल बदलने की छवि के कारण उन पर कई सवाल खड़े होते हैं। बता दें कि वह सर्वप्रथम भाजपा में थे। इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था। इतना नहीं कांग्रेस छोड़कर वह सपा और बसपा में भी रह चुके। इसके बाद फिर इन दलों का दामन छोड़कर अब भारतीय जनता पार्टी में सेवाएं दे रहे हैं। अब ऐसे में उन्हें पार्टी टिकट देती है या फिर किसी और यह कह पाना अभी मुश्किल होगा।
फिलहाल पार्टी में उम्मीदवारों की लाइन लंबी है लेकिन किसी पर निर्णय नहीं हो रहा है सभी दावेदार अपनी अपनी दावेदारी को लेकर दिल्ली लखनऊ की दौड़ लगा रहे हैं। इनमें झांसी सदर विधायक रवि शर्मा ओर गंगाचरन राजपूत के अलावा बबीना विधायक राजीव पारीछा, विकास बाबा, रामरतन कुशवाहा समेत अन्य नेता भाजपा से अपनी-अपनी टिकट की दावेदारी ठोक रहे हैं।

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