झाँसी-सूरज ने बढ़ायी तपन, राजनैतिक गर्मी हुई तेज, बैठ कर फूटेंगे राजनीति बातों के बताशे, रिपोर्ट-सचिन मिश्रा

झाँसी। लोकसभा चुनाव 2019 की चुनाव आयोग आज शाम घोषणा कर सकता है । राजनीतिक माहौल में जिस तरह से चुनाव आयोग के एलान की आहट ने गर्माहट को पैदा किया है, उसने जनमानस में सूरज की तपन से पैदा हो रही गर्मी को मिलाकर राजनीतिक माहौल में बातों के बतासे फोड़ने का पूरा मौका दे दिया है।

झांसी ललितपुर संसदीय सीट के लिए राजनीतिक दलों के प्रचार अभियान की वैसे तो अनौपचारिक शुरुआत बहुत पहले हो चुकी है, लेकिन टिकट के दावेदारों की चहल कदमी प्रदर्शन और संपर्क अभियान की शुरुआत रविवार को सुबह से जो शुरू हुई तो उसने सूरज के दिन चढ़ने के साथ बढ़ती गर्मी का एहसास पूरी तरह से कराना शुरू कर दिया है।

शनिवार को जहां समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के लोग आपस में कंधा मिलाकर राजनीतिक माहौल में अपने मंथन से जीत का फार्मूला निकाल रहे थे, तो रविवार को कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए समर्थकों के साथ सड़क पर अपनी दस्तक दी । संकेत दिए कि वह चुनावी अखाड़े में पूरी तरह से ताल ठोकने को तैयार हैं।

भारतीय जनता पार्टी नमो विथ नेशन संकल्प रैली और सुझावों के अभियान की शुरुआत कर राजनीतिक माहौल को गर्माहट देने में जुट गई है भाजपाइयों ने नमो बुद्ध मिशन दौड़ से अपने शरीर में गर्मी के साथ ।

राजनीतिक गर्माहट का असर यह हो रहा है कि गली चौराहों में लोग दावेदारों के साथ राजनीतिक दलों की स्थितियों को लेकर अपने अपने तरीके से आकलन करने में जुट गए हैं । भाजपा को चुनाव में नुकसान होगा या फायदा, कांग्रेस बढ़त लेगी या घटेगी? गठबंधन सफल होगा या असफल होगा ? आम जनमानस के बीच चर्चा ने तेजी से विस्तार लेते हुए राजनीतिक माहौल को बनाना शुरू कर दिया है।

वैसे पिछली बार की तरह चुनावी तारीख है इसी माह घोषित हो रहे हैं। जाहिर है कि मतदान तक सूरज पूरे चरम पर होगा और राजनीतिक आहट भी पूरे जोश के साथ गर्माहट को और बढ़ाने का काम करेगी।

इस गर्माहट से छूटने वाले राजनीतिक दलों के पसीनो और उनके बोले गए शब्द जनता में अपने तरीके से विश्लेषण करते नजर आएंगे। वैसे राजनीतिक परिदृश्य में पुलवामा कांड से लेकर राफेल डील और महा गठबंधन की राजनीति का विश्लेषण शुरू हो गया है।

फिलहाल राजनीति अपने रास्ते पर चल पड़ी है। जिसकी मंजिल चुनाव में जीत है । इस जीत में जो होगा और जैसा होगा उसमें सबसे ज्यादा मजे जनता लूटेगी । क्योंकि उसके पास इन 2 महीनों में हर किसी को अपने नजरिए से आंकने का पूरा मौका मिलेगा।

बातों के बतासे पूछेंगे और जीत हार को लेकर कयास बाजी होगी, तो आप भी अपने गिर्द के माहौल में जहां लगे की आपके मुताबिक बात हो रही है चर्चा कर सकते हैं । यह मौका आपको मुफीद लगे या नहीं यह आप पर निर्भर करेगा।

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