मध्य प्रदेश में आरक्षण की सीमा 73 प्रतिशत पहुंची, ओबीसी के आरक्षण को कमलनाथ सरकार ने मंजूरी दी, रिपोर्ट-संदीप

भोपाल 10 मार्च। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने चुनाव की तारीख के ऐलान होने से पहले एक बड़ा गांव चल दिया है । मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27% आरक्षण लागू कर दिया गया है। कैबिनेट से पास होने के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी इसको मंजूरी दे दी है। इस प्रकार आरक्षण की सीमा करीब 73% तक पहुंच गई है।

गौरतलब है कि 6 मार्च को मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पारित किया गया था कि मध्य प्रदेश में ओबीसी में जो 14% आरक्षण लागू है उसे बढ़ाकर 27% किया जाए।

जानकार लोग इसे कांग्रेसका लोकसभा चुनाव के समय बड़ा दॉव इसलिए मान रहे हैं क्योंकि मध्य प्रदेश में ओबीसी की आबादी करीब 49% है और ऐसे में कांग्रेस को चुनाव में इसका फायदा मिलने की संभावना नजर आ रही है।

ओबेसी के आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने में कमलनाथ सरकार ने जल्दबाजी दिखाई है, लेकिन मोदी सरकार के गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण को अब तक लागू नहीं किया गया है । कमलनाथ सरकार ने इस आरक्षण के लिए एक समिति का गठन किया है जो इसका अध्ययन कर रिपोर्ट सरकार को देगी।

माना जा रहा है कि जब तक यह समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी तब तक आचार संहिता लागू हो जाएगी और मध्य प्रदेश में गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।

मध्यप्रदेश में गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण लागू नहीं करने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी कमलनाथ सरकार की आलोचना की है।

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