लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव कराने में क्यों डर रहे हैं बीजेपी शासित राज्य?

नई दिल्ली 9 मार्च। क्या लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव कराने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा को बीजेपी शासित राज्य की किसी अनजाने डर की वजह से सपोर्ट करने की स्थिति में नहीं है ?

वैसे यह कयास लगाए जा रहे थे कि मोदी मैजिक को देखते हुए बीजेपी शासित 3 राज्य समय से पूर्व विधानसभा भंग कर इसी आम चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव में उतर सकते हैं, लेकिन ऐसा होने नहीं जा रहा है । इससे यह नजर आ रहा है कि कहीं ना कहीं लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर पार्टी आश्वस्त नहीं है।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र और हरियाणा की क्या रेट में शुक्रवार को हुई बैठक में अपनी अपनी विधानसभा भंग कराने और लोकसभा चुनाव के साथ राज्य में चुनाव कराने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया ।हरियाणा समेत झारखंड में विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ कराए जा सकते हैं, इसको लेकर कयास चल रहे थे, लेकिन अब विराम सा लग गया है।

वैसे ही बस यही कही जा रही है कि बाल कोट स्ट्राइक के बाद बीजेपी शासित राज्यों में इस बात को लेकर थोड़ी ऊर्जा थी, लेकिन अब विपक्षी दलों के साथ फुलवामा हमल की कई शहीदों की विधवाओं की ओर से ही बालकोट के स्ट्राइक के सबूत मांगे जाने से मामला पेचीदा हो गया है।

जानकारी यह भी है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी भारत की ओर से जैश ए मोहम्मद के ठिकानों को तबाह किए जाने और पाकिस्तान के एक 16 फाइटर विमान को गिराए जाने के दावे पर सवाल किए हैं । बाल कोट स्ट्राइक में 250 से 400 आतंकियों केमारे जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

इसके अलावा राफेल डील, बढ़ती बेरोजगारी आतंकवाद और किसानों की खस्ताहाल स्थिति जैसी कई मुद्दे पर केंद्र सरकार गिरी हुई है। ऐसे में महाराष्ट्र और हरियाणा की बीजेपी सरकार के लिए यही एक सही विकल्प था कि वे अपना कार्यकाल पूरा करें।

कहां यह जा रहा है कि यह तीनों राज अभी भी मोदी मैजिक के सहारे हैं । इन राज्यों को लगता है कि अगर आम चुनाव में मोदी सरकार को हार मिलती है, तो उनकी सरकार को हार का सामना करना पड़ सकता है और यदि केंद्र में मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनने में कामयाब हो जाते है, तो इन राज्यों में लोकसभा चुनाव के परिणाम का असर पड़ेगा . ऐसी में बीजेपी फिर से मोदी मैजिक के नाम पर चुनाव जीत सकती है।

You may also like...