जम्मू-बस में ग्रेनेड से हमला करने के लिए यासिर को मिले थे 50 हज़ार

नई दिल्ली 8 मार्च । जम्मू कश्मीर के बस स्टैंड पर बस में ग्रेनेड से हमला करने वाले आतंकी यासर भट्ट पुलिस की जांच में नाबालिग निकला । उसकी उम्र 16 साल से भी कम है ।

जांच में यह खुलासा हुआ कि यासिर कक्षा नौवीं का छात्र है और इसके पिता पेंटर हैं । यवह गुरुवार को बस स्टैंड पर ग्रेनेड फेंकने के बाद भागते समय पकड़ा गया था ।

अधिकारियों ने बताया कि यासिर के आधार कार्ड स्कूल रिकॉर्ड एवम अन्य पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच में उसकी जन्मतिथि 12 मार्च 2003 बताई गई है।

पुलिस ने बताया कि ग्रेनेड फेकने के लिए यासिर को ₹50000 मिले थे। यासिर ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं । उसने पुलिस को बताया कि वह हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी है । उसने ही कमांडर फारूक अहमद भट के कहने पर बस पर ग्रेनेड फेंका था इसके लिए उसे फारूक से ग्रेनेड और ₹50000 मिले थे।

पुलिस को पूछताछ के बाद इस प्रकार के संकेत मिले हैं कि जम्मू कश्मीर के लोगों में खौफ पैदा करने के लिए आतंकवादी अब नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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