ब्लैकमेलिंग से तंग आकर भय्यू जी महाराज ने की थी आत्महत्या, रिपोर्ट-गौरव

इंदौर 19 जनवरी। आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज की आत्महत्या के मामले में पुलिस में 7 महीने के बाद जांच पूरी कर ली है। इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें दो सेवादार विनायक और शरद देशमुख शामिल हैं । एक महिला पलक भी है। पुलिस ने बताया कि ब्लैक मेलिंग से परेशान होकर भयउ जी महाराज ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया था।

पुलिस ने बताया कि भयउ जी की पत्नी आयुषी में अपने बयान में कहा कि यह तीनों भयउ जी महाराज को जाल में फंसा कर उनका शोषण कर रहे थे। इनके जाल में उलझ कर ही वह आत्महत्या करने को मजबूर हो गए।

पलक को शुक्रवार को सीएसपी आजाद नगर पल्लवी शुक्ला ने थाने बुलाकर गिरफ्तार किया। इसके बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया वहां से उन्हें जेल भेजा गया।

पुलिस ने बताया कि जिस दिन भयउ जी की शादी आयुषी के साथ हुई उसी दिन पलक में खूब हंगामा किया था । उसने भयउ जी के साथ खुद की शादी की तारीख तक पर कर दी थी । एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि पलक को भय्यू जी से मनमीत अरोरा ने मिलवाया था।
इसके बाद सेवादार विनायक और शरद में पलक को भैया जी के करीब भेजा और उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

पुलिस ने कई पहलुओं की जांच के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि सेवादारों और एक संदेही युवती द्वारा ब्लैकमेल किए जाने के बाद भय्यू ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पुलिस को भय्यू के फोन से भी युवती द्वारा किए गए अश्लील मैसेज मिले हैं, जिससे साफ पता चल रहा है कि वह सेवादारों के साथ मिलकर भय्यू को ब्लैकमेल कर रही है।

इस मामले की जांच पूरी करने के बाद आईपीएस अधिकारी रहे अगम जैन सीएसपी ने रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंप दी है। इसके साथ ही भय्यू की पत्नी आयूषी और दोनों बहनें रेणु अक्का और मनु अक्का ने भी पुलिस को संदेही युवती और दोनों सेवादारों के खिलाफ कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे।

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