झांसी में भाजपा प्रत्याशी की उड़ान, श्रीकांत शर्मा घेर रहे मैदान! रिपोर्ट-देवेन्द्र, रोहित, सत्येंद्र

झांसी। क्या स्थानीय सांसद उमा भारती की चुनाव ना लड़ने की खबर के बाद भाजपा नेतृत्व ने झांसी संसदीय सीट के लिए बाहरी प्रत्याशी को मैदान बनाने की हरी झंडी दे दी है ? यह संकेत कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा के झांसी में लग रहे होर्डिंग के बाद मिलने लगे हैं।

जैसी कि संभावना जताई जा रही है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस माह झांसी का दौरा कर सकते हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सवर्णों को 10% आरक्षण की पहल का प्रचार करने के बहाने श्रीकांत शर्मा ने नगर में जो होल्डिंग लगाई है उसने कई प्रकार के सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि उमा भारती के चुनाव ना लड़ने और उनकी छवि को स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवाल के बाद भाजपा नेतृत्व किसी बड़े चेहरे की तलाश में है।

ऐसे में उसे ब्राह्मण वर्ग से कैबिनेट मंत्री के रूप में श्रीकांत शर्मा को बुंदेली धरती में इम्तिहान के लिए उतारने की संभावना ज्यादा नजर आ रही है। जानकार बताते हैं कि भाजपा इस बार झांसी सीट पर किसी ब्राह्मण चेहरे को ही उतारना चाहती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर इसके लिए वर्तमान विधायक रवि शर्मा बेहतर साबित हो सकते हैं, लेकिन पार्टी श्रीकांत शर्मा पर दाव लगाने के मूड में है ।

श्रीकांत शर्मा की दावेदारी को लेकर हालांकि अभी पार्टी और संगठन स्तर से कोई आवाज सामने नहीं आई है, लेकिन शहर में अचानक ही श्रीकांत शर्मा की सवर्णों को आरक्षण देने की बधाई का होर्डिंग यह संकेत दे रहा है कि भाजपा इस बार झांसी सीट पर किसी बाहरी व्यक्ति को ही टिकट देने के मूड में है!

राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि भाजपा के सामने झांसी सीट को बचाना चुनौती भरा हो गया है। ऐसे में गठबंधन और कांग्रेस की चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश स्तर के किसी नेता को मैदान में उतारने की तैयारी में है। राजनीतिक जानकार श्रीकांत शर्मा की प्रजेंट करने को भाजपा की रणनीति भी मांग रहे हैं । उनका मानना है कि बड़े चेहरे को मैदान में प्रदर्शित करने से विरोधियों के सामने चेहरा पेश करने की चुनौती खड़ी होगी, तो वही जो नाम सामने आएंगे उनसे उनका प्रभाव नापा जा सकेगा।

वही संगठन स्तर पर यह माना जा रहा है कि स्थानीय चेहरे से ही उमा भारती के चुनाव ना लड़ने और उनके कार्यकाल को लेकर जनता में जो नाराजगी है उसे दूर किया जा सकता है।

बरहाल लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे दलों के लिए श्रीकांत शर्मा कीहोर्डिंग बेचैनी तो पैदा करेगी ही साथ ही भाजपा के संभावित उम्मीदवारों की दौड़ को कमजोर कर रही है । अब देखना यह है कि क्या पार्टी बाहरी चेहरा को वरीयता देती है या स्थानीय स्तर पर किसी चेहरे को प्रत्याशी बनाया जाता है।

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