मोदी सरकार 15 लाख नहीं, हर महीने दो से ढाई हजार खाते में डालेगी! रिपोर्ट -नैना

नई दिल्ली 28 दिसंबर । मोदी सरकार 2014 के चुनाव में हर खाते में 1500000 का जो चुनावी नारा दिया था उसे भले ही बाद में पार्टी ने जुमला करार दे दिया हो, लेकिन आम चुनाव सर पर देख अब मोदी सरकार ने उस जुमले को हर महीने सैलरी के रूप में तब्दील करते हुए खाते में रकम डालने की योजना तैयार की है।

बहुत संभव है कि इसके तहत हर नागरिक को जिसे जीवन यापन करने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है, उसके खाते में 2 से ढाई हजार रुपए हर महीने सरकार डालने जा रही है।

आपको बता दें कि 1 महीने ही 5 विधानसभा चुनाव में बीजेपी की केंद्र की सरकार को करारा झटका लगा है । इस झटके ने मोदी सरकार को आम चुनाव में हार की आहट नजर आने लगी है।

जानकार बताते हैं कि इस हार को जीत में तब्दील करने के लिए एक ऐसी योजना पर अमल करने की तैयारी शुरू हो गई है जिसे मध्य प्रदेश के एक गांव में सरकार पहले प्रयोग के रूप में लागू कर चुकी है । यूबीआई यानी यूनिवर्सल बेसिक इनकम के तहत सरकार किसान स्वरोजगार व्यापारी से लेकर हर वर्ग को हर महीने सैलरी देने पर विचार कर रही है, जिसके तहत उस व्यक्ति को कुछ भी चीज राहत दी जा सके जिसके सामने जीवन यापन का संकट है।

जानकार बताते हैं कि मोदी सरकार इस योजना के जरिए लोगों के खाते में आधार के जरिए पैसा ट्रांसफर करने की इसमें ऐसा भी हो सकता है कि अभी जो गैस सब्सिडी आदि की शक्तियां मिल रही है वह शायद ना मिले।

मोदी सरकार का मानना है कि हर महीने जरूरतमंद लोगों को दो से ढाई हजार की सैलरी देकर बाय उनके जीवन यापन में योगदान दे सकती है। इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी। इस योजना के तहत किसान बेरोजगार व्यापारी वर्ग का चयन किया जाएगा उनके आर्थिक आय के स्रोत के बाद उनके खातों में एक निश्चित रकम को हर महीने ट्रांसफर किया जाएगा।

2019 के आम चुनाव में गेम चेंजर के रूप में मोदी सरकार इस योजना को लागू करने की तैयारी में है । वैसे आपको बता दें कि इस योजना के साथ मोदी सरकार बड़े पैमाने पर किसानों के लिए कर्ज माफी की भी योजना को लेकर आ रही है।

You may also like...