2019 में राहुल गाँधी करेंगे महागठबंधन का नेतृत्व!,रिपोर्ट-नैना

नई दिल्ली 11 दिसंबर । पांचों राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव की मतगणना अभी पूरी नहीं हो सकी है ,लेकिन छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश और राजस्थान में जिस प्रकार से कांग्रेसी सत्ता में आसीन हो रही है उसने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कद को बहुत ऊंचा कर दिया है।

तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत के बाद 2019 में होने वाले आम चुनाव के लिए महागठबंधन का नेतृत्व करने के राहुल गांधी के सवाल पर अब विपक्षियों को कोई जवाब नहीं सूझ रहा है। माना जा रहा है कि 2019 के चुनाव में राहुल गांधी ही महागठबंधन के सर्वमान्य नेता होंगे।

हिंदी भाषी राज्यों में छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश और राजस्थान में जिस प्रकार से कांग्रेस में वापसी करते हुए सत्ता को अपने हाथ में लिया है उससे साफ है कि पिछले 1 साल से राहुल गांधी जो प्रयास कर रहे थे उसमें काफी सफलता मिली है। हालांकि अभी मध्यप्रदेश में जोर आजमाइश तेजी से जारी है और यह कहना मुश्किल हो रहा है कि बहुमत के लिए कांग्रेस या भाजपा आंकड़ा छू सकेगी।

आपको याद होगा कि 1 साल पहले 11 दिसंबर को ही राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था राहुल गांधी ने पद संभालने के बाद साफ कहा था कि वह पार्टी को नए तर्ज और नए अंदाज में आगे ले जायेंगे शायद उन्होंने पार्टी में बदलाव की संभावना को देखते हुए ही तीनों राज्यों में ज्यादातर युवा चेहरों को वरीयता दी थी।

राहुल गांधी के नेतृत्व में 3 राज्यों में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के नेतृत्व की बात कहने पर भड़कने वाले सपा बहुजन समाज पार्टी और अन्य दल के लोग अब क्या कहेंगे।

इसके अलावा राजनीतिक गलियारे में यही भी चर्चा तेज हो गई है कि राहुल गांधी के दिन अच्छे आ गए हैं। 2019 के चुनाव में नरेंद्र मोदी के मुकाबले कांग्रेसियों से मजबूती से खड़ा किया जा सकता है।

राजनीतिक जानकार यह भी मान रहे हैं कि जिस तेजी से राहुल गांधी ने देश की जनता से संवाद कर नब्ज को पकड़ा उससे उनकी राजनीतिक परिपक्वता भी सामने आ रही है। इसके अलावा सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई झप्पी और आंख मारने वाले प्रकरण भी अब लोगों को और राहुल गांधी के बचकानी हरकत से बाहर नजर आने लगे हैं।

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