ई-कॉमर्स कंपनियों के मार से छोटे दुकानदारों का दिवाली पर बुरा हाल, रिपोर्ट- नैना

नई दिल्ली 31 अक्टूबर। दीपावली तोहार 1 हफ्ते से भी कम का समय रह गया है दिवाली की खरीदारी के लिए बाजार पूरी तरह से चुके हैं लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि बाजार में दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में हाथ पर हाथ रखे बैठे हुए हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण ई-कॉमर्स कंपनियां मानी जा रही हैं।

फ्लिपकार्ट स्नैपडील अमेजॉन जैसी दिग्गज ई कॉमर्स कंपनियों ने छोटे दुकानदारों की दिवाली पर अपने सेल रूपी तीर से कमर तोड़कर रख दी है। सेल के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियां 30 से 40 फ़ीसदी छूट दे रही है जबकि परंपरागत दुकानदारों के सामने संकट गया है कि इतना तो उन्हें मुनाफा भी नहीं मिल रहा है यही कारण है कि छोटे दुकानदारों की दीपावली पर बिक्री प्रभावित हो रही है कारोबार जगत से जुड़ी जानकारी मांग रहे हैं कि ई-कॉमर्स कंपनियों की वेबसाइट पर जितनी छूट मिल रही है इतना मार्जिन तो रिटेलरो को भी नहीं मिलता है।
ऐसे में ऑफलाइन ग्राहक भी उनकी यहां लाकर बिग बाजार के इस ऑनलाइन डिजिटल क्रोमा और विजय सेल्स जैसे बड़े रिटेलरो के यहां जा रहे हैं। यहां भी बेहतर डील मिल जाती है
दीपावली त्यौहार पर ई-कॉमर्स कंपनियों की मार छोटे और बड़े शहरों में परंपरागत दुकानदारों पर इतनी जबरदस्त पड़ रही है कि उन्हें इस बार दिवाली पर अपने घर से निकालना मुश्किल हो रहा है।

कन फ्री डिश कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स कैट की महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि छोटे दुकानदार महंगी किराए की दुकान सजाते हैं। रखरखाव के साथ कर्मचारियों पर भी खर्चा होता है ।कम मात्रा में सामान खरीदने के कारण छोटे व्यापारियों को रिलायंस डिजिटल क्रोमा और विजय सेल्स जैसे रिटेलरों की तरह छूट नहीं मिलती है।

उन्हे मिलने वाला मुनाफा भी पहले से घटकर 10 फ़ीसदी पर आ गया है । इस 10 फ़ीसदी उन्हें किराए से लेकर कर्मचारियों का वेतन आदि भी निकालना होता है । ऐसी स्थिति में दुकानदार 5 फ़ीसदी छूट देने की स्थिति में नहीं होते हैं । उनके सामने एक विकल्प होता है कंपनी से मिली डील देकर ग्रहकों का दिल जीत सकें । आफ्टर सेल्स सर्विस देने का वादा करें

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