सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहां जरूरी नहीं रह गया आधार?

नई दिल्ली 26 सितंबर सुप्रीम कोर्ट ने आज आधार के मामले में अपना फैसला सुनाते हुए कई बिंदुओं को स्पष्ट किया है। एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट ने आधार को पहचान माता आया है तो इसकी अनिवार्यता को लेकर भी निर्णय दिए हैं। अब आपके लिए यह जानना जरूरी है की आधार क्यों सेवाओं के लिए जरूरी है और किन के लिए नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने जहां आधार को बैंक और मोबाइल से जोड़ना गलत माना है, तो वहीं कुछ चीजों में इसकी अनिवार्यता बरकरार रखी है।
सुप्रीम कोर्ट ने आधार को मोबाइल से लिंक करना गलत बताया है इसके बाद से अब आप को मोबाइल को आधार से जोड़ना जरूरी नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट में बैंक अकाउंट से आधार को जोड़े जाने को असंवैधानिक बताया है कोर्ट के फैसले के बाद अब आप ने दी अपना बैंक अकाउंट आधार से लिंक नहीं कराया है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में बच्चों के लिए आधार के अवस्था को समाप्त कर दिया है 6 से 14 साल तक के बच्चों के प्रवेश के लिए आधार को गलत माना गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने जहां आधार को कुछ चीजों के लिए गलत माना है तो वहीं कुछ चीजों के लिए इसकी अनिवार्यता भी रखी है इसमें पैन कार्ड को लिंक कराना अनिवार्य की श्रेणी में रखा है।
सुप्रीम कोर्ट ने लाभकारी सरकारी योजनाओं के लिए भी आधार को अनिवार्य माना है। आयकर रिटर्न भरने के लिए भी आधार जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आधार से गरीबों को बहुत ताकत मिली है इस पर हमला संविधान के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट के जज बोले कि CBSE, NEET, UGC अगर आधार को जरूरी बनाते हैं तो ये गलत है वो ऐसा नहीं कर सकते हैं.

कोर्ट ने कहा कि मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जोड़ना आधार कार्ड होना गैर संवैधानिक है. कोर्ट ने स्कूलों में आधार की अनिवार्यता खत्म कर दी है.

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